प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सरकार ने केन्द्रीय बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवंटन में वृद्धि की है ताकि सभी जरूरतमंद लोगों को घर मिल सके। उन्होंने कहा कि लोगों की भागीदारी से विभिन्न सरकारी पहल सफल हुई हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कृष्णगुरु के कार्यों से लोगों को देश के कल्याण के लिए समर्पण भाव से काम करने की प्रेरणा मिली।
आज असम के बरपेटा में विश्व शांति के लिए कृष्णगुरु एकनाम अखंड कीर्तन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के केंद्रीय बजट में की गई नई घोषणाओं से असम और पूर्वोत्तर को बहुत लाभ होगा। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि प्रस्तावित एकता मॉल से असम के दस्तकारों के उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।
असम के गमोशा का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 8-9 वर्षों में देश में गमोशा की मांग बढ़ी है। उन्होंने असम के गमोशा उत्पादन में शामिल महिला स्व-सहायता समूह की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि एमवी गंगा विलास नदी क्रूज के माध्यम से असम की संस्कृति और विरासत आगे बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि असम के स्थानीय बांस उत्पाद समूचे देश और विदेश में लोकप्रिय हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने बांस और इससे निर्मित उत्पादों के जरिए रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए पुराने कानूनों में बदलाव किया। उन्होंने कृष्णगुरू सेवाश्रम से योग, बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं, खेलों इंडिया जैसी पहल के माध्यम से समाज की बेहतरी के लिए काम करने का आग्रह किया।
हमारे संवाददाता ने बताया है कि पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने कृष्णगुरु सेवाश्रम के कार्यक्रम में भाग लिया। कृष्णगुरु सेवाश्रम में 6 जनवरी से एक महीने तक विश्व शांति के लिए कृष्णगुरु एकनाम अखंड कीर्तन आयोजित किया गया है। कृष्णगुरु सेवाश्रम की स्थापना 1974 में निचले असम के बरपेटा जिले के नसात्रा गांव में की गई थी।