देश में कोविड के नये वायरस ओमिक्रॉन से संक्रमित दो मरीजों का पता चला

देश में कोविड के नये वायरस ओमिक्रॉन से संक्रमित दो मरीजों का पता चला

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कहा कि देश में कोविड के नये वायरस ओमिक्रॉन से संक्रमित दो मरीजों का पता चला है। नई दिल्‍ली में स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि दोनों मरीज कर्नाटक में मिले हैं। उन्‍होंने कहा कि इन मरीजों के संपर्क में आए सभी लोगों की पहचान कर ली गई है और उनकी जांच की जा रही है।

हमारे देश में दो ओमिक्रॉन वैरियंट के केस हमारे इस नेटवर्क के द्वारा डिटेक्‍ट किए गए हैं कर्नाटक में और उसमें से एक केस 66 साल के एक मेल हैं और दूसरा केस 46 साल के एक मेल हैं और जितने उनके प्राइमरी कॉन्‍टेक्‍ट्स हैं, जितने सैकेण्‍डरी कॉन्‍टेक्‍ट्स हैं उन सबको ट्रेस कर लिया गया है और उन सबकी टेस्टिंग करके उनको एज पर प्रोटोकॉल हम कॉर्डिनेट कर रहे हैं।

लव अग्रवाल ने कहा कि 29 देशों में अब तक ओमिक्रॉन से संक्रमित 373 मरीजों की पहचान कर ली गई है। उन्‍होंने कहा कि सबसे अधिक 183 रोगी दक्षिण अफ्रीका में मिले हैं। इसके बाद बोत्‍सवाना और नीदरलैंड है। लव अग्रवाल ने ओमिक्रॉन के तेज संक्रमण और घातक होने के बारे में कहा कि शुरूआती आंकड़े वायरस के नये स्‍वरूप के तेज संक्रमण को दर्शाते हैं लेकिन तथ्‍यों पर आधारित और अध्‍ययन की आवश्‍यकता है।

करीब 29 देशों में 373 केस इस ओमिक्रॉन वैरियंट के अब तक नोट किए जा चुके हैं और हमारे देश में इसकी ओवरऑल मॉनिटरिंग भी की जा रही है। जिसमें मुख्‍यत: सबसे अधिक केस साउथ अफ्रीका में हैं। उसके बाद अधिक केस बोत्सवाना में, नीदरलैण्‍ड में, यूनाइटेड किंगडम में, जर्मनी में, पुर्तगाल और घाना, ऐसे देशों में नोट किए गए हैं।

लव अग्रवाल ने कहा कि केन्‍द्र सरकार ने राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों से कोविड के नये विषाणु से निपटने के लिए जांच में तेजी लाने, संपर्क के आए लोगों की पहचान करने और स्‍वास्‍थ्‍य ढांचे में सुधार करने का सुझाव दिया है। उन्‍होंने कहा कि जोखिम वाले देशों से आने वाले यात्रियों के लिए आरटीपीसीआर जांच जरूरी है। उन्‍होंने कहा कि राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों को पॉजिटिव नमूनों के जीनोम अनुक्रमण के लिए प्रयोगशाला भेजने की सलाह दी गई है।

हम स्‍टे्टस से डिस्‍कस करते रहते हैं। हमारा एफर्ट है कि हम टेस्टिंग की संख्‍या बढ़ाएं और इन्‍फेक्‍शन को जल्‍दी से जल्‍दी पकड़ सकें ताकि हम कॉन्‍टेक्‍ट ब्रीफिंग के द्वारा उस पर्टिक्यूलर इन्‍फेक्‍शन को वहीं पर रोक सकें। इसी के साथ ही देश ने कोविड के वैक्‍सीनेशन कवरेज में नए आयाम स्‍थापित किए हैं।

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