रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि 2025 तक देश में प्रतिवर्ष नैनो यूरिया की 44 करोड़ बोतल का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए देशभर में नौ संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
मनसुख मांडविया ने एक विशेष साक्षात्कार में नैनो यूरिया के फायदे बताते हुए कहा कि फसलें नैनो यूरिया को 80 प्रतिशत अधिक सोखती है जबकि पारंपरिक यूरिया के सोखने की दर केवल 30 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया किफायती है और इससे फसल की पैदावार भी बढती है। नैनो यूरिया की निर्यात संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि अमरीका और कई अन्य देशों ने इसमें रुचि दिखाई है। उन्होंने कहा कि देश में नैनो यूरिया का उत्पादन बढ़ने पर इसका निर्यात बढ़ाने के प्रयास भी किए जाएंगे।
मनसुख मांडविया ने कहा कि आयात पर निर्भरता कम करने और यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए एक लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्पादन बढाने के लिए पिछले सात वर्षों में देश में छह यूरिया उत्पादन संयंत्र स्थापित किए गए हैं। यह पूरा साक्षात्कार एफएम गोल्ड चैनल पर आज रात नौ बजकर 15 मिनट पर सुना जा सकता है। इसके अतिरिक्त यह साक्षात्कार आकाशवाणी की वेबसाइट न्यूज ऑन एआईआर डॉट जीओवी डॉट इन और यूट्यूब चैनल न्यूज़ ऑन एआईआर ऑफिशियल पर भी उपलब्ध रहेगा।