15वीं भारत-सिंगापुर रक्षा नीति वार्ता नई दिल्ली में आयोजित की गई, द्विपक्षीय युद्ध अभ्यास और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी

15वीं भारत-सिंगापुर रक्षा नीति वार्ता आज नई दिल्ली में आयोजित की गई। रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने और सिंगापुर के स्थायी सचिव (रक्षा) चान हेंग की ने इस सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की। बैठक के दौरान, दोनों वार्ताकार पक्षों ने भारत व सिंगापुर के बीच मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की और दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी विचार-विमर्श तथा द्विपक्षीय युद्ध अभ्यास के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। दोनों पक्षों ने साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग को और आगे ले जाने के लिए भी अपनी सहमति दी।

दोनों देशों ने विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा और बहुपक्षीय सहयोग के क्षेत्र में सहभागिता के मौजूदा विन्यास को विस्तार देने के माध्यमों को निर्धारित किया। भारतीय रक्षा सचिव ने मई 2023 में आयोजित पहले आसियान-भारत समुद्री अभ्यास के समन्वय और सह-मेजबानी के लिए सिंगापुर के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सिंगापुर की आवश्यकता को पूरा करने में क्षमता और कुशलता के साथ घरेलू रक्षा उद्योग सामर्थ्य का उल्लेख किया। दोनों पक्षों ने आपसी विश्वास और समझ, सामान्य हितों एवं लोकतंत्र व कानून के शासन के साथ साझा मूल्यों के आधार पर ‘रणनीतिक साझेदारी’ को पूरी तरह से लागू करने की अपनी वचनबद्धता की पुष्टि की।

कोविड-19 महामारी के बाद भारत और सिंगापुर के बीच रक्षा सचिव स्तर की यह वार्ता पहली बार आमने-सामने बैठ कर की गई थी।

इससे पहले, सिंगापुर के स्थायी सचिव (रक्षा) ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ से भेंट की और आपसी हित के सभी मुद्दों पर चर्चा की। सिंगापुर से आए प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री संग्रहालय सहित विभिन्न सांस्कृतिक स्थलों का भी दौरा किया।

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