गुजरात का सापुतारा पर्यटन स्थल अपनी खूबसूरत पहाड़ियों के लिए अत्यधिक लोकप्रिय है। यह गुजरात का एकमात्र हिल स्टेशन है जो ना केवल सैलानियों बल्कि स्थानीय लोगों की पर्यटन स्थलों की सूची में भी शामिल है। सापुतारा, गुजरात के डांग जिले के पश्चिमी घाट में स्थित है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग 953 पर स्थित है जो सोनगढ़ से जुड़ा हुआ है। देश-विदेश के पर्यटकों के बीच यह स्थान खासा प्रसिद्ध है। सापूतारा नाम का अर्थ है ‘नागों का निवास’ और यहां के मूल निवासी लोगों को डांगियां या आदिवासी कहा जाता है। शायद इसलिए यहां की सरापा नदी के किनारे पर आपको सांपों की कई प्रतिमाएं देखने को मिलेंगी। जब 1960 में मुंबई और गुजरात का विभाजन हुआ था उसी दौरान सापूतारा हिल स्टेशन की स्थापना हुई थी। सुंदर प्राकृतिक नज़ारों से घिरा सापुतारा किसी का भी मन मोह सकता है।
गुजरात सरकार ने इस पर्यटन स्थल की ख्याति बढ़ाने के लिए यहां हर साल मानसून में सापुतारा उत्सव का आयोजन करने का निर्णय लिया। धीरे-धीरे इस मेले ने लोगों के दिलों में अपनी जगह बना ली। पिछली बार साल 2019 में सापुतारा मेले का आयोजन हुआ था क्योंकि कोरोना महामारी के कारण 2020 और इस साल भी सापुतारा मेले का आयोजन नहीं हो सका लेकिन इसका इंतज़ार सभी को रहता है। यह मेला गुजरात की विविधता और संस्कृति को दर्शाने के लिए मंच प्रदान करता है। यह मेला अगस्त-सितंबर के महीने में आयोजित किया जाता है। इस प्रकार यह घूमने के लिए एक पीक सीजन बन जाता है। यह त्योहार महीने भर चलता है जिस दौरान यहां तरह-तरह की सांस्कृतिक गतिविधियां और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस मेले में बोट रेस, ट्रेन्ड गाइड के साथ ट्रेकिंग, डांगी आदिवासी नृत्य, मैजिक शो और पेराग्लाइडिंग, बोटिंग, ज़िपलाइन, सेगवे की सवारी जैसी कई मनोरंजक और एडवेंचरस गतिविधियां होती हैं। यहां बच्चों से लेकर बूढ़ों तक, हर आयु वर्ग के लोगों के लिए कुछ ना कुछ ज़रूर है। बच्चों के लिए यहां कई वर्कशॉप भी आयोजित की जाती हैं।
बरसात के बाद सापूतारा में चारों तरफ़ हरियाली फैलने से प्राकृतिक सौन्दर्य खिल उठता है। इसलिए अगस्त और सितंबर के महीने में पर्यटक यहां की मनमोहक छटाओं का आनंद लेने दूर-दूर से आते हैं। सापूतारा के मेले का आनंद उठाने के बाद पर्यटक यहां के आस-पास मौजूद कुछ अन्य आकर्षण केन्द्रों का भी लुत्फ़ उठा सकते हैं। यहां बॉटेनिकल गार्डन, गिराधोध, वसई, रिसोर्ट, रोपवे रिसोर्ट केबल प्वाइंट, एडवेंचर पार्क, मधुमक्खी पालन केन्द्र, रोज़ गार्डन समेत कई दर्शनीय स्थल हैं।
सापुतारा पहुंचने के लिए तीनों मार्गों से आया जा सकता है। यहां का सबसे करीबी हवाईअड्डा सूरत एयरपोर्ट है जो केवल 165 किमी की दूरी पर है। मुंबई इंटरनेशनल हवाई अड्डा भी यहां से महज़ 225 किमी की दूरी पर है। ये दोनों ही हवाई अड्डे भारत के लगभग सभी प्रमुख शहरों से जुड़े हुए हैं। इसी तरह यह देश के प्रमुख शहरों से रेल मार्ग के माध्यम से भी जुड़ा हुआ है। सापुतारा का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन वघई है जो क़रीब 50 किमी की दूरी पर स्थित है । इस स्टेशन से पर्यटकों को मुंबई दिल्ली बाकि और भी जगहों के लिए आसानी से ट्रेन मिलती है। सड़क मार्ग की बात करें तो इस पर्यटन स्थल पर स्टेट ट्रांसपोर्ट की बसों के साथ ही प्राइवेट लक्जरी कोच बस से भी आसानी से पहुंच सकते हैं। सापुतारा हिल स्टेशन में रहने की लिए बहुत से रिज़ॉर्ट और होटल्स क़िफायती दामों पर मिल जाएंगे। यूं तो अभी इस मेले का अभी और इंतज़ार करना पड़ेगा लेकिन अगर आप अभी भी सापूतारा हिल स्टेशन पर जाकर अपनी छुट्टियां बिताना चाहें तो अगस्त-सितंबर सबसे बेहतर है।