प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के मानगढ़ में स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम आदिवासी नायकों और शहीदों के बलिदान को नमन किया। उन्होंने भील स्वतंत्रता सेनानी गोविंद गुरु को श्रद्धांजलि दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मानगढ़ धाम की गौरव गाथा’ कार्यक्रम में भाग लिया और भील आदिवासियों तथा क्षेत्र के अन्य आदिवासियों की जनसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गोविंद गुरु जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी भारत की परंपराओं और आदर्शों के प्रतिनिधि थे। उन्होंने कहा कि भारत का अतीत, वर्तमान और भविष्य आदिवासी समुदाय के बिना पूरा नहीं होता। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास के पन्ने आदिवासी लोगों की वीरता से भरे पड़े हैं, लेकिन आजादी के बाद के इतिहास में आदिवासी समुदाय के संघर्ष और बलिदान को उचित स्थान नहीं मिला। श्री मोदी ने कहा कि देश आज दशकों पुरानी भूल सुधार रहा है। उन्होंने कहा कि 15 नवम्बर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाया जायेगा। उन्होंने आदिवासी समुदायों के कल्याण के लिए सरकार की पहलों का जिक्र भी किया। इस कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति मंत्रालय ने किया। कार्यक्रम में राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के मुख्यमंत्री शामिल हुए।