केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने खाद्य सुरक्षा पर व्यापक विचार-विमर्श के लिए विश्व स्वास्थ्य सभा के अनुरूप वैश्विक मंच सृजित किए जाने का आह्वान किया है। आज नई दिल्ली में दो दिन के वैश्विक खाद्य नियामक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आदतों के कारण होने वाले रोगों और खाद्यान्न मिलावट की समस्या को देखते हुए वैश्विक खाद्य सुरक्षा मानक तय करने के लिए खाद्य सुरक्षा पर विस्तृत विचार-विमर्श जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भोजन और स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़े हैं और उत्तम स्वास्थ्य के लिए गुणवत्तापूर्ण पोषक खाद्य पदार्थ जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य नियामकों को खाद्य सुरक्षा के बारे में व्यापक दृष्टिकोण रखना होगा।
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि खाद्यान्न उपलब्धता और वैश्विक खाद्य सुरक्षा की आवश्यकता को देखते हुए भारत सरकार ने उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार और नए प्रयोग किए हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई भी नीति किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए बनाई जानी चाहिए।
दो दिन के इस सम्मेलन का आयोजन भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने किया है। इसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा प्रणाली और नियामक व्यवस्था मजबूत करने के लिए वैश्विक मंच सृजित करना है। इससे खाद्य सुरक्षा नीति तय करने और सुरक्षित खाद्यान्न सुनिश्चित करने की रणनीति साझा करने का भी अवसर मिलेगा।