केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जूबिन इरानी ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली में नवनिर्मित ईएसआई डिस्पेंसरी एवं शाखा कार्यालय का उद्घाटन किया। इससे रायबरेली क्षेत्र के 60,000 ईएसआई लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा, करीब 15,000 श्रमिकों को ईएसआईसी शाखा कार्यालय से नकद लाभ भी मिलेगा। इस अवसर पर केन्द्रीय श्रम और रोजगार तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री रामेश्वर तेली, रायबरेली नगर पालिका की अध्यक्ष पूर्णिमा श्रीवास्तव और उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य दिनेश प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर बोलते हुए, स्मृति इरानी ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि रायबरेली स्थित ईएसआई डिस्पेंसरी 1978 से किराए के भवन में संचालित हो रही थी, जिसके परिसर का निर्माण अब सीपीडब्ल्यूडी के माध्यम से करवाकर सरकार ने रायबरेली के लोगों को समर्पित किया है। स्मृति इरानी ने कोविड-19 महामारी से प्रभावित परिवारों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की दिशा में ईएसआईसी द्वारा किए गए एक उपाय -‘कोविड-19 राहत योजना’- के तहत लाभार्थियों को मासिक पेंशन से संबंधित स्वीकृति पत्र सौंपे।
उत्तर प्रदेश के रायबरेली के प्रगति पुरम इलाके में ईएसआई डिस्पेंसरी एवं शाखा कार्यालय का निर्माण 933 वर्गमीटर के परिसर में कुल 2.27 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इस डिस्पेंसरी में दो चिकित्सक, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन आदि तैनात हैं और यहां आपातकालीन सेवाएं, ओपीडी, फार्मेसी, ऑक्सीजन सिलेंडर, परीक्षण मशीन आदि की सुविधाएं प्रदान की गई हैं।
इस अवसर पर अपने संबोधन में, रामेश्वर तेली ने कहा कि ईएसआई अस्पतालों ने कोविड महामारी के दौरान लोगों को चिकित्सा सुविधाएं/सेवाएं प्रदान कर देश की सेवा की है। ईएसआईसी ने ‘कोविड-19 राहत योजना’ शुरू की है। ईएसआईसी औसत वेतन का 90 प्रतिशत उन बीमित व्यक्ति (आईपी)के आश्रितों को प्रदान करता है, जिनका दुर्भाग्य से कोविड-19 महामारी के कारण निधन हो गया।
इसके अलावा, बीमित व्यक्ति की नौकरी चली जाने पर‘अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना’ के माध्यम उसे पिछले चार योगदान अवधि के दौरान औसत दैनिक कमाई के 50 प्रतिशत के बराबर की राहत राशि दी जाती है। जीवन में एक बार वाले उपाय के रूप में, अधिकतम 90 दिनों की बेरोजगारी तक के लिए राहत राशि का भुगतान किया जाता है। इस संबंध में दावा प्रस्तुत किए जाने पर ईएसआईसी शाखा कार्यालय द्वारा बीमित व्यक्तियों को राहत राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में किया जाता है।
रामेश्वर तेली ने अपने संबोधन में आगे कहा कि श्रमिकों में सबसे बड़ा हिस्सा असंगठित श्रमिकों का है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार असंगठित श्रमिकों के लिए एक ‘राष्ट्रीय डेटाबेस’तैयार किया गया है, जिसे ‘ई-श्रम पोर्टल’ का नाम दिया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जल्द से जल्द इस पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए अधिक से अधिक संख्या में आगे आयें। केन्द्रीय मंत्री ने ई-श्रम शिविर का भी दौरा किया और इस कार्यक्रम के दौरान ‘ई-श्रम कार्ड’का वितरण किया।
ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण बहुत ही सरल और निःशुल्क है। इस पोर्टल पर पंजीकरण के बाद किसी व्यक्ति को दो लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है। इस पोर्टल पर अब तक लगभग 9.5 करोड़ लोगों का पंजीकरण हो चुका है।
उत्तर प्रदेश में ईएसआई योजना
ईएसआई योजना राज्य के 41 जिलों में पूर्ण रूप से और 1 जिले में आंशिक रूप से लागू है। राज्य में प्रभावी प्रशासनिक नियंत्रण के उद्देश्य से कानपुर में एक क्षेत्रीय कार्यालय और नोएडा, लखनऊ एवं वाराणसी में तीन उप-क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में ईएसआईसी 36 शाखा कार्यालयों और दो डीसीबीओ (डिस्पेंसरी-सह-शाखा-कार्यालय) के माध्यम से लाभार्थियों को नकद एवं अन्य लाभ प्रदान कर रहा है। इसके तहत 16 अस्पताल (ईएसआई योजना के तहत 10 और ईएसआईसी के तहत 6) और 16 डिस्पेंसरी (94 एलोपैथिक, 11 आयुर्वेदिक और 11 होम्योपैथिक डिस्पेंसरी सहित) हैं जोकि अपने लाभार्थियों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान करते हैं। इसके अलावा, तीनएमईडीयू और 61 टाई-अप अस्पताल भी लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान करते हैं।
भारत में ईएसआई योजना
ईएसआईसी एक प्रमुख सामाजिक सुरक्षा संगठन है जोकि उचित चिकित्सा देखभाल जैसा व्यापक सामाजिक सुरक्षा लाभ और रोजगार के दौरान चोट, बीमारी, मृत्यु आदि जैसी जरूरत के समय में विभिन्न किस्म के नकद लाभ प्रदान करता है। यह अधिनियम अब पूरे देश में 12.36 लाख से अधिक कारखानों और प्रतिष्ठानों पर लागू होता है।इस योजना से देश भर में श्रमिकों के लगभग 3.41 करोड़ परिवारों को लाभ मिल रहा है। 1952 में अपनी स्थापना के बाद से, ईएसआई कारपोरेशन ने अब तक 160 अस्पताल, 6 मेडिकल कॉलेज, 2 डेंटल कॉलेज, 2 नर्सिंग कॉलेज, 1502/308 डिस्पेंसरी / आईएसएम इकाइयां, 559/185 शाखा / वेतन कार्यालय, 49 डिस्पेंसरीसह शाखा कार्यालय और 64 क्षेत्रीय एवं उप-क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए हैं।