केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय ने मेदाराम जतारा 2022 उत्सव की विभिन्न गतिविधियों के लिए दो करोड़ 26 लाख रुपये मंजूर किये हैं। मेदाराम जतारा उत्सव भारत में कुंभ मेले के बाद दूसरा सबसे बड़ा मेला है। तेलंगाना का दूसरा सबसे बड़ा जनजातीय समुदाय- कोया चार दिन तक यह उत्सव मनाता है। इस वर्ष यह कल से 19 फरवरी तक मनाया जा रहा है।
आज़ादी का अमृत महोत्सव समारोह के अंतर्गत सरकार ने घोषित किया है कि जनजातीय संस्कृति और धरोहर 2022 में आकर्षण का केन्द्र रहेगी। जतारा सामक्का और सरलम्मा देवियों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिये आयोजित किया जाता है। यह उत्सव दो वर्ष में एक बार फरवरी माह में आयोजित होता है।
मंत्रालय की ओर से इस आयोजन को लगातार दी जा रही सहायता का उद्देश्य तेलंगाना के जनजातीय समुदायों और आम लोगों के बीच सद्भावना बढ़ाना है।