संसद की सुरक्षा में सेंध के मुद्दे पर हंगामा जारी रहने के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार 11 बजे तक स्थगित कर दी गई है। आज सुबह लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम, जनता दल यूनाईटेड और अन्य दलों सहित विपक्ष के सांसद सदन के बीचों-बीच आकर सरकार के विरूद्ध नारेबाजी करने लगे। वे इस मुद्दे पर विपक्षी सांसदों के निलंबन का भी विरोध कर रहे थे। सांसद इस मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग कर रहे थे। इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही पहले तो दो बजे तक स्थगित की। इसके बाद सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
उधर, राज्य सभा में भी ऐसा ही हंगामा जारी रहा। सभापति जगदीप धनखड़ ने सुरक्षा में सेंध के मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों के स्थगन प्रस्ताव की अनुमति नहीं दी।
विपक्षी दलों के निलंबित सांसदों ने भी संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन किया और वे अपना निलंबन वापस लेने की मांग कर रहे थे। कांग्रेस के निलंबित सांसद मनिक्कम टैगोर ने कहा कि गृहमंत्री को संसद की सुरक्षा में सेंध की घटना की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इस पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि संसद की सुरक्षा में सेंध गंभीर मामला है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले दिनों में सुरक्षा प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए कडे उपाय किए जाएंगे। उन्होंने विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन पर चिंता प्रकट की। अमित शाह ने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है।
ये बडा गंभीर मसला है। लोकसभा अध्यक्ष जी ने इस का गंभीर संज्ञान लिया है। विपक्ष इस पर राजनीति कर रहा है। मैं ऐसा नहीं कह रहा कि इसमें कहीं न कहीं कोई चूक नहीं हुई, चूक निश्चित हुई है तभी तो घटना हुई है। कमेटी बनाई है। कुछ ही दिनों में इसकी रिपोर्ट अध्यक्ष जी के पास जाएगी। हमने एफआईआर भी रजिस्टर कर दिया है। घटना की भी जांच करने के लिए कमेटी को को काम सौंपा है और लोकसभा की सुरक्षा को आगे कैसे चुस्त-दुरूस्त किया जाये वो भी काम सौंपा है और दोनों काम यह कमेटी बहुत अच्छे से करेगी। ये मैं देश की जनता को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि एक दम चुस्त-दुरूस्त सुरक्षा व्यवस्था आगे हो इसका हम ध्यान रखेंगे।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष के विरोध की आलोचना की है। प्रह्लाद जोशी ने कहा कि विपक्षी सदस्यों को जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए क्योंकि यह बहुत संवेदनशील मामला है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उच्चस्तरीय जांच जारी है। इस बीच, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार सुरक्षा में सेंध के मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि इस मुद्दे पर गृहमंत्री बयान देने के लिए तैयार क्यों नहीं हैं।