विश्व तीरंदाजी कप में भारत दूसरे स्थान पर रहा है। आज शंघाई में भारत का अभियान तीन पदक के साथ तालिका में दूसरे स्थान पर खत्म हुआ। कंपाउंड वर्ग के तीरंदाजों के अच्छे प्रदर्शन को ‘विश्व कप चरण दो’ में रिकर्व वर्ग के तीरंदाज जारी नहीं रख सके। टीम ने इस विश्व कप के रिकर्व वर्ग में चार स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य हासिल किया जिससे उसके कुल पदकों की संख्या 11 हो गई। तरुणदीप राय, अतनु दास और नीरज चौहान के शुरुआती दौर में बाहर होने के बाद भारत को तीरंदाज धीरज बोम्मादेवारा से उम्मीदें थीं। लेकिन कोरिया के तीरंदाज ओह जिन हॉके ने हालांकि प्री-क्वार्टर फाइनल में सेना के इस खिलाड़ी को सीधे सेट में शिकस्त दी। रिकर्व मिक्सड टीम स्पर्धा में भी धीरज और सिमरनजीत कौर की जोड़ी पहले सेट की बढ़त को बरकरार रखने में विफल रही। उन्हें इंडोनेशिया की जोड़ी ने 2-6 (39-35, 37-39, 37-38, 34-35) से हराकर अंतिम-16 दौर से बाहर कर दिया। इस वर्ग में भारत का कोई भी तीरंदाज पदक दौर में स्थान नहीं बना पाया। भारत ने इस चरण में अपने सभी पदक कंपाउंड वर्ग में जीते।
प्रथमेश जावकर और अवनीत कौर ने व्यक्तिगत स्वर्ण और कांस्य जीता, जबकि ओजस देवताले और ज्योति सुरेखा वेनाम की जोड़ी ने मिश्रित टीम वर्ग में स्वर्ण हासिल किया।