विधि मंत्री किरेन रिजिजू ने देशद्रोह कानूनों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर उनकी आलोचना की है। किरेन रिजिजू ने कहा है कि कांग्रेस ऐसी पार्टी है जो स्वतंत्रता, लोकतंत्र और संस्थानों का सम्मान नहीं करती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा भारत को तोड़ने वाली ताकतों के साथ खड़ी रही है। इस पार्टी ने देश को बांटने का कभी कोई मौका नहीं छोड़ा।
विधि मंत्री ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू इस कानून पर पहला संशोधन लाये थे, जिसका उद्देश्य अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में कमी लाना था और श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा जनसंघ ने इसका विरोध किया था।
किरेन रिजिजू ने कहा कि बाद में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने तीसरे स्तंभ न्यायपालिका को कमजोर बनाने का विचार प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह इंदिरा गांधी की सरकार थी, जिसने भारत के इतिहास में पहली बार धारा 124-ए को संज्ञेय अपराध बनाया था।
इससे पहले, उच्चतम न्यायालय द्वारा देशद्रोह कानूनों पर रोक लगाने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने यह टिप्पणी की थी कि सच बोलना देशभक्ति है, न कि देशद्रोह।