विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने आज वियतनाम के प्रधानमंत्री पाम मिन्ह चिन्ह से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने आपसी साझेदारी को बढ़ावा देने की विषयों पर चर्चा की। एक सोशल मीडिया पोस्ट में डॉ जयशंकर ने कहा कि भारत वियतनाम साझेदारी स्थायी, सुरक्षित और समृद्ध भारत प्रशांत क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। अपनी यात्रा के दूसरे दिन विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर वियतनाम के विदेशी मामलों के आयोग के अध्यक्ष ले हो ट्रंग से मिले।
इससे पहले डॉ जयशंकर ने वियतनाम की रणनीतिक अकादमी को हिन्द प्रशांत क्षेत्र में भारत विषय पर संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने आसियान की केन्द्रीय भूमिका के महत्व को रेखांकित किया और क्वाड के योगदान पर प्रकाश डाला। विदेश मंत्री ने हनोई में अपने समकक्ष बुई थान्ह सोह के साथ 18वें भारत- वियतनाम संयुक्त आयोग की बैठक की सह-अध्यक्षता की। बैठक में राजनीतिक, रक्षा और समुद्री सुरक्षा, न्यायिक, व्यापार और निवेश, ऊर्जा, विकास, शिक्षा और प्रशिक्षण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा हुई। एक सोशल मीडिया पोस्ट में विदेश मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भारत-वियतनाम की व्यापक रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि भारत-प्रशांत क्षेत्र, वैश्विक मुद्दों के लिए प्रतिबद्धता और विभिन्न बहुपक्षीय समूहों में सहयोग पर भी दृष्टिकोण साझा किये गए।
डॉं जयशंकर ने अपने समकक्ष के साथ भारत और वियतनाम के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में स्मारक टिकटों का भी अनावरण किया। उन्होंने कहा कि कलारीपयट्टू और वोविनाम को दर्शाने वाले टिकट खेल के प्रति साझा संबंधों को दर्शाते हैं और दोनों देशों के बीच मजबूत सांस्कृतिक, सामाजिक और लोगों के बीच मजबूत संबंधों को प्रदर्शित करते हैं।