वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कहा है कि एक मजबूत वित्तीय व्यवस्था के लिए बैंकों, सुरक्षा एजेंसियों, नियामक संस्थाओं और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ तालमेल जरूरी है। कल नई दिल्ली में सरकारी बैंकों के साथ एक समीक्षा बैठक में उन्होंने राष्ट्रीय परिसम्पत्ति पुनर्निर्माण कम्पनी और सरकारी बैंकों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए, ताकि स्ट्रेस्ड अकाउंट के मामले में तेजी से निर्णय लिया जा सके।
स्ट्रेस्ड अकाउंट ऐसी परिसम्पत्ति होती हैं, जो आर्थिक रूप से उपयोगी नहीं हैं और जिन्हें बट्टे-खाते में डाल दिया गया है। इसमें नए सिरे से व्यवस्थित ऋण भी शामिल हैं।
वित्त मंत्री सीतारमण ने बैंकों को फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अपने ग्राहकों को शिक्षित करने पर विशेष ध्यान देने तथा ऋण देते समय सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए।
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि साइबर सुरक्षा संबंधी उपायों को सुदृढ़ करने और वित्तीय प्रणाली की मजबूती के लिए कड़े सुरक्षा प्रोटोकाल लागू करने की आवश्यकता है।