वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने भारत के हरित बॉण्ड की रूपरेखा को मंजूरी दे दी है। हरित बॉण्ड सतत पर्यावरणीय और जलवायु अनुकूल परियोजनाओं में निवेश करने का वित्तीय उपाय है। इससे पेरिस जलवायु संधि के तहत स्वीकृत राष्ट्रीय योगदान की प्रतिबद्धता पूरी हो सकेगी और हरित परियोजनाओं के लिये वैश्विक तथा घरेलू निवेश आकृष्ट करने में मदद मिलेगी।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि हरित बॉण्ड की रूपरेखा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले वर्ष ग्लासगो जलवायु सम्मेलन में घोषित पंचामृत के अंतर्गत भारत की प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है।
मंत्रालय ने हरित वित्त कार्यसमिति गठित की है, जिसमें सम्बद्ध मत्रालयों का प्रतिनिधित्व होगा। केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार इसकी अध्यक्षता करेंगे। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि जारी होने की तिथि से 24 महीने के अंदर परियोजनाओं का आंवटन कर दिया जाए।