रूस ने करीब पचास वर्षों में अपना पहला चंद्र मिशन लूना-25 अंतरिक्ष में भेजा है। सोयुज-2 प्वाइंट वन बी रॉकेट से प्रक्षेपित किए गए लूना-25 ने रूस के सुदूर पूर्व में वोस्तोचन लॉन्च स्टेशन से उड़ान भरी। यह अभियान 1976 के बाद रूस का पहला मिशन है। इससे पहले वे सोवियत संघ का हिस्सा था।
रूस का लैंडर 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर पहुंचेगा। रूस का अंतरिक्ष यान साढ़े पांच दिन तक चंद्रमा की सतह के आसपास चक्कर लगायेगा। इसके बाद वह लगभग 100 किलोमीटर की ऊंचाई पर तीन से सात दिन बिताएगा।
