रूस और यूक्रेन ने अनाज समझौता अगले 120 दिन तक बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह समझौता शनिवार को समाप्त हो रहा था। इस समझौते से यूक्रेन के बंदरगाहों से काला सागर में अऩाज निर्यात का सुरक्षित गलियारा उपलब्ध होगा।
यह समझौता संयुक्त राष्ट्र और तुर्की की मध्यस्थता से संपन्न हुआ है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव अंतोनियो गुटेरस ने इस समझौते का स्वागत किया है।
यूक्रेन के बुनियादी ढांचा मंत्री ओलेकसांद्र कुबराकोव ने कहा है कि यह निर्णय इस्तांबुल में लिया गया है। अभी तक इस समझौते के तहत एक करोड़ दस लाख टन अनाज और खाद्य पदार्थों का निर्यात किया जा चुका है। यूक्रेन की ध्वस्त होती अर्थव्यवस्था के लिए अनाज का निर्यात जीवन रेखा है और इससे दुनियाभर में अनाज की कमी से निपटने में मदद मिली है।
इस समझौते के अनुसार यूक्रेन के तीन बंदरगाहों ओरनोमोर्स्क, ओडेसा, यूझनी और पिवदेन्यी से जलयान अऩाज लेकर चलेंगे और काला सागर में सुरक्षित गलियारे से इस्तांबुल पहुंचेंगे। इस्तांबुल में इनकी जांच होगी और इन्हें आगे की यात्रा की अनुमति दी जाएगी। इस समझौते से मिस्र, जिबूती, सोमालिया, सूडान, सेनेगल, रवांडा, कांगो, लीबिया, तंजानिया और नामीबिया को लाभ होगा।