राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज श्रीनगर में कश्मीर विश्वविद्यालय के 19वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। शिक्षा के प्राचीन केन्द्र शारदा पीठ का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि आज उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों में करीब पचास प्रतिशत लड़कियों का होना गर्व का विषय है।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा कि हिमालय के संरक्षण के लिए दो केंद्र बनाने की कश्मीर विश्वविद्यालय की पहल प्रशंसनीय है। हमारे संवाददाता ने बताया कि राष्ट्रपति ने कश्मीरी भाषा के कुछ शब्द बोलकर स्थानीय लोगों से जुड़ने का प्रयास किया।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर उपस्थित श्रोताओं को कश्मीरी भाषा में बधाई दी “मैं सपुस खुशी तोही मिलिथ” जिसका अर्थ है कि उन्हें मिलकर उनको बहुत खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि उनको कश्मीर की इस भूमि में आकर बहुत प्रसन्नता हुई है जिसे संतों की भूमि “ऋषिवर” भी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि वे कश्मीर को धरती पर स्वर्ग के रूप में देखना चाहते हैं जिसके लिए वे जम्मू-कश्मीर की यूवा पीढ़ी को शीघ्र ही इस सपने का साकार करने के लिए पूरी तरह से भरोसा करते हैं।
राष्ट्रपति 25 जुलाई से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के चार दिन के दौरे पर हैं। वे कल बारामूला गए और करगिल विजय दिवस की 22वीं वर्षगांठ पर राष्ट्र के लिए जीवन बलिदान करने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।