राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा है कि संविधान सभी भारतीयों को आपस में जोड़ता है। उन्होंने आज भारत के संविधान की प्रस्तावना को पढ़ने में देश का नेतृत्व किया। राष्ट्रपति संसद के केन्द्रीय कक्ष में संविधान दिवस के अवसर पर सम्बोधित कर रहे थे। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने 72 वर्ष पहले इसी केन्द्रीय कक्ष में स्वतंत्र भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस दस्तावेज़ को अपनाया था।
राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान की शक्ति से भारत अपनी विकास यात्रा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं को न केवल शुरू से ही मतदान करने का अधिकार दिया गया, बल्कि कई महिलाएं भी संविधान सभा की सदस्य थीं।
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि महिलाओं ने संविधान निर्माण में भी अभूतपूर्व योगदान दिया है। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर संसद में आज तक किए गए संशोधनों के साथ संविधान सभा वाद-विवाद के डिजिटल संस्करण और देश के संविधान की एक सुलेखित प्रति भी जारी की।
संविधान दिवस के अवसर पर कई केन्द्रीय मंत्री, सांसद और अनेक देशों के राजदूत संसद के केन्द्रीय कक्ष में मौजूद थे।