राजस्थान में कांग्रेस सरकार, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरने से पहले ही, संकट में आ गई है। कल रात गहलोत के समर्थक 90 से अधिक कांग्रेसी और निर्दलीय विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष सी. पी. जोशी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। ये विधायक राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में सचिन पायलट के नाम का विरोध कर रहे हैं। संवाददाताओं से बातचीत में कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने 92 विधायकों के गहलोत के पक्ष में होने का दावा किया।
राजस्थान कांग्रेस के विधायक, कांग्रेस का विधायक दल, अपने मन की बात सोनिया गांधीजी, राहुल गांधीजी, अशोक गहलोत जी तमाम आलाकमान को कह सकता है। सीएम बदलने की बात तो जब राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाएंगे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उसके बाद होगी। आप पहले बदलना चाहते हो, आप राष्ट्रीय अध्यक्ष तो बनने दीजिए। डेमोक्रेसी है कांग्रेस में और विधायक अपने बैठक कर डिसकस कर रहे हैं तो बुरा नहीं मानना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विधायकों में असंतोष है। सचिन पायलट का नाम लिए बिना खाचरियावास ने कहा कि विधायक किसी ऐसे नेता को सत्ता सौंपे जाने के खिलाफ हैं जो पहले विद्रोह कर चुका हो।
मुख्यमंत्री आवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी थी। इस बैठक के लिए प्रदेश प्रभारी अजय माकन और वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खडगे पर्यवेक्षक के रूप में आये थे। माना जा रहा था कि इस बैठक में नया मुख्यमंत्री चुनने के लिए आलाकमान को अधिकार दिये जाने का प्रस्ताव पारित किया जाना था। बैठक शुरू होती उससे पहले ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थक विधायक और मंत्री, नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल के घर पर इकट्ठा होना शुरू हो गये। देर शाम तक यह संख्या 80 से ज्यादा हो गयी। सभी विधायक एकट्ठा होकर स्पीकर सी.पी. जोशी के घर पहुंचे और अपना इस्तीफा दे दिया। उधर, मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली बैठक को दो बार स्थगित करने के बाद आखिरकार रद्द करना पड़ा।
