सरकार ने वर्ष 2029 तक तीन लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन और पचास हजार करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज नई दिल्ली में रक्षा निर्माण में अवसर पर आयोजित एक सम्मेलन में यह बात कही। राजनाथ सिंह ने बताया कि देश का रक्षा उत्पादन एक लाख पचास हजार करोड़ रुपये से अधिक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
2021-22 डोमेस्टिक सोर्सेस से हमारा जो कैपिटल एक्विजिशन होता था। उस समय वो 74000 करोड़ के आसपास का था। लेकिन 2024-25 के अंत तक डोमेस्टिक सोर्सेस से किया जाने वाला कैपिटल एक्विजिशन बढ़कर एप्रोक्सीमेटली वन लाख 20 हजार करोड रुपए तक पहुंच गया है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप को पूरी तरह से समझती है, क्योंकि अब युद्ध तकनीक आधारित होते जा रहे हैं।
आज का युद्ध पूरी तरफ से टेक्नोलॉजी ओरिएंटेड हो गया है। ऑपरेशन सिंदूर में भी इसका डेमो हम सब ने देखा है। इसलिए हमें न सिर्फ एक्जिस्टिंग स्टेट ऑफ द आर्ट टेक्नोलॉजी जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी इन डिफेंस आदि में महारत हासिल करनी है। बल्कि हमें ऐसी फ्यूजेरेटिक्स टेक्नोलॉजी के बारे में भी सोचना होगा, जिसके बारे में दुनिया में अभी सोचा भी ना गया हो।
