यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लियेन ने कहा है कि यूरोपीय संघ हिंसा के रास्ते सत्ता में आए तालिबान को मान्यता नहीं देगा, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान को आर्थिक और सामाजिक पतन से बचाने की ज़रूरत है। एक बयान में उन्होंने कहा कि यह समय अफगानिस्तान की जनता के साथ खड़े होने का है। उर्सुला लियेन ने कहा कि अफगानिस्तान को मानवीय सहायता की आवश्यकता है। इस बीच, रूस, अमरीका, जापान, कनाडा, फ्रांस और ब्रिटेन ने भी कहा है कि तालिबान सरकार को मान्यता देने की उनकी फिलहाल कोई योजना नहीं है। अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता पर काबिज होने के बाद से आर्थिक, मानवीय और सुरक्षा संकट लगातार गहरा रहा है।
Related posts
-
धन-शोधन और वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए भारत की वित्तीय खुफिया इकाई और SEBI ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में एक... -
FIU-IND और PFRDA ने सूचना साझाकरण और समन्वय को बढ़ाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए
भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में... -
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की बातचीत की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की बातचीत...