गृहमंत्री अमित शाह ने आज जोर देकर कहा कि मादक पदार्थों के मुद्दों को लेकर भारत की कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति है। उन्होंने कहा कि भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश, मादक पदार्थों से लाभ का इस्तेमाल कर रहे हैं और यह अवांच्छित राशि धीरे-धीरे अर्थव्यस्था को खोखला बनाती है। अमित शाह ने लोकसभा में मादक पदार्थों के दुरूपयोग और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर अल्पकालिक चर्चा का उत्तर देते हुए यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि मादक पदार्थों से प्राप्त लाभ का दुरूपयोग आतंकवाद के लिए भी किया जाता है।
गृहमंत्री ने कहा कि सरकार की नीति बहुत स्पष्ट है कि जो मादक पदार्थों का सेवन करते हैं वे पीड़ित हैं और उनके बारे में हमें संवेदनशील बनना होगा और उन्हें पुनर्वास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करना होगा। अमित शाह ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को मादक पदार्थों की बीमारी के खिलाफ मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमाओं, बंदरगाहों और हवाई अड्डों से मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व विभाग, स्वापक नियंत्रण ब्यूरो और मादक पदार्थों के रोकथाम से संबंधित एजेंसियों को मादक पदार्थों के खिलाफ मिलकर काम करना चाहिए।
गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यों से ज़मीनी स्तर पर मादक पदार्थों का दुरूपयोग रोकने के लिए जिला स्तर पर एनकोड समितियां बनाने की अपील की है। लोकसभा में इस विषय पर चर्चा का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि केन्द्र ने देश में चार सौ 72 ज़िलों में मादक पदार्थ नेटवर्क चार्ट मैपिंग तैयार कर ली है। उन्होंने कहा कि चार-स्तरीय एनकोड समितियों के माध्यम से ज़िला स्तर पर मादक पदार्थों के दुरूपयोग के खिलाफ लड़ाई तेज़ की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त डेटा संकलित करने के लिए एनकोड पोर्टल का संचालन स्वापक नियंत्रण ब्यूरो करता है।
गृहमंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों का संबंध अपराध से है और इसके लिए सीमाएं मायने नहीं रखती हैं। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की बिक्री के लाभ का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है।
उन्होंने कहा कि मादक पदार्थ युवा पीढी के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं और इससे प्राप्त धन अर्थव्यवस्था को खोखला करता है। अमित शाह ने कहा कि भारत की मादक पदार्थों के प्रति कतई बर्दाश्त न करने की नीति रही है। उन्होंने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से मादक पदार्थों के खिलाफ मिलकर काम करने की अपील की।