भोपाल गैस त्रासदी की आज बरसी है। इसे विश्व की सबसे दुखद औद्योगिक आपदा माना जाता है। दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक आपदाओं में से एक मानी जाने वाली भोपाल गैस त्रासदी के प्रत्यक्षदर्शी लोगों में से एक, फोटो पत्रकार कमलेश जैमिनी ने आपदा की अपनी ज्वलंत यादें साझा करते हुए इसे एक दर्दनाक रात के रूप में याद किया।
वो रात कभी भुलाई नहीं जा सकती। ऐसी दुर्घटना भविष्य में ना हों। राज्य सरकार का भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग, गैर सरकारी संगठनों के साथ पीड़ितों के आर्थिक और सामाजिक पुनर्वास की दिशा में काम कर रहा है। विभाग के मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि गैस पीड़ितों को मुफ्त चिकित्सा राहत प्रदान करने की दृष्टि से व्यापक चिकित्सा पुनर्वास कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।
हमने वो बहनें जो गैस काण्ड के समय कल्याणी हुईं विधवा हुईं, उनको पेंशन फिर से शुरू की है। हम यूनियन कार्बाइड परिसर से कचरा का निष्पादन कर यूनियन कार्बाइड परिसर में एक रोजगारोन्मुखी मेमोरियल भी बना रहे हैं, जिसमें गैस पीड़ितों को रोजगार के नए अवसर हम प्रदान करेंगे।