भारत ने इस्लामिक सहयोग संगठन-(OIC) के महा सचिव द्वारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की यात्रा और यात्रा के बाद पाकिस्तान में जम्मू-कश्मीर के बारे में की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। मीडिया के एक प्रश्न के उत्तर में विदेश मंत्रालय ने फिर कहा है कि जम्मू-कश्मीर के मामले में ओआईसी को दखल देने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। मंत्रालय का यह भी कहना है कि ओआईसी और उसके महासचिव द्वारा भारत के अंदरूनी मामले में दखलअंदाजी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह दुर्भाग्य है कि संगठन के महा सचिव पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसे उम्मीद है कि ओआईसी के महासचिव जम्मू-कश्मीर सहित सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के पाकिस्तान के नापाक इरादे के भागीदार न बने।