विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने आज कहा है कि भारत को ईंधन, खाद्य और उर्वरक से संबंधित चिंताओं के बारे में दक्षिण एशियाई देशों की आवाज बननी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को यह चिंता है कि अनेक प्रमुख मौजूदा मुद्दों के कारण सतत विकास, जलवायु परिवर्तन संबंधी कार्यक्रम और जलवायु न्याय के मुद्दे पिछुड़ जाएंगे। आज नई दिल्ली में विश्वविद्यालय सम्पर्क कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आज के नाजुक समय में भारत को जी20 की अध्यक्षता प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्व नेताओं को उचित और महत्वपूर्ण मुद्दों पर अधिक ध्यान देना चाहिए। जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने कहा है कि जी20 के अध्यक्ष के तौर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और वैश्विक एजेंडा तय करेंगे। इस कार्यक्रम में देश के 75 विश्वविद्यालयों के छात्र, जानेमाने शिक्षाविद् शीर्ष नेता और विद्वान वर्चुअल रूप से शामिल हैं।
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