विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा है कि विनिर्माण क्षमताओं के विकास पर ध्यान केंद्रित करके ही भारत की अर्थव्यवस्था विकसित और मजबूत हो सकती है। उन्होंने कहा कि हमें समाधान के लिए चीन की ओर देखना बंद करना होगा। नई दिल्ली में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि चीन की दक्षता पर निर्भर नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया सिर्फ उत्पाद बनाना नहीं है बल्कि यह एक सोच है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमें अपनी विकास रणनीति खुद तय करनी होगी। उन्होंने कहा कि यदि हमें प्रतिस्पर्धा में टिके रहना है और अर्थव्यवस्था को ऊंचाईयों पर ले जाना है तो घरेलू स्तर पर विनिर्माण सुविधाएं विकसित करनी होंगी। इससे एक मजबूत विनिर्माण अर्थव्यवस्था बनेगी। डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि प्रत्येक देश को अपने विनिर्माताओं और व्यवसायों को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक ध्रुवीकरण कूटनीति को जटिल बनाता है लेकिन इससे कई देशों के लिए नए अवसर भी खुलते हैं। विदेशमंत्री ने कहा, भारत के लिए रणनीतिक अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ना महत्वपूर्ण है।
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