विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने कहा है कि भारत और फ्रांस हिन्द प्रशांत त्रिस्तरीय विकास सहयोग स्थापित करने पर सहमत हो गए हैं।
डॉक्टर जयशंकर ने फ्रांस की विदेश मंत्री कैथरीन कोलोना के साथ आज नई दिल्ली में बैठक के बाद आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह सहयोग विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन फ्रेमवर्क के तहत विकास परियोजनाओं को सुगम बनाने में मदद करेगा।
विदेश मंत्री ने कहा कि हिन्द प्रशांत त्रिस्तरीय सहयोग भारतीय नवोन्मेषकों और स्टार्टअप के लिये एक मंच प्रदान करेगा और दूसरे देशों की जरूरतों को पूरा करने में भी मददगार बनेगा। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के तहत भारत और फ्रांस ने मिलकर भूटान, पापुआ, न्यू गिनी और सेनेगल में परियोजनाएं शुरू की हैं।
डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि फ्रांस यूरोपीय संघ का एक प्रमुख सदस्य है। इसे ध्यान में रखते हुए फ्रांस और भारत ने यूरोपीय संघ के साथ व्यापार, निवेश और भौगोलिक संकेतकों को बढावा देने जैसे मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने इस संबंध में पहले दौर की वार्ता का भी स्वागत किया।
विदेश मंत्री ने कहा कि फ्रांस और भारत 18 से 35 वर्ष के आयु वर्ग के युवा पेशवरों को अपने यहां आने-जाने की सुविधा प्रदान करने के लिए नई योजना शुरू कर रहे हैं।
फ्रांस की विदेश मंत्री कैथरीन कोलोना ने कहा कि उनका देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अपना समर्थन जारी रखेगा।
कैथरीन कोलोना भारत की तीन दिवसीय सरकारी यात्रा पर कल नई दिल्ली पहुंचीं। वे कल उद्योगजगत के प्रतिनिधियों से मिलने मुम्बई जायेंगी।