भारतीय विज्ञान संस्थान और मस्तिष्क अनुसंधान केन्द्र ने प्रतीक्षा ट्रस्ट के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के अंतर्गत अगले दस वर्षों में अनुसंधान, नवाचार और गहन विज्ञान पर चार सौ पचास करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। इसमें वृद्धों से संबंधित बीमारियों पर अनुसंधान के लिए सहायता भी उपलब्ध करायी जाएगी। वर्ष 2014 में जाने-माने समाजिक कार्यकर्ता और परोपकारी कृष गोपालकृष्णन और सुधा गोपालकृष्णन ने बेंगलूरू स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान में मस्तिष्क अनुसंधान के लिए यह केन्द्र स्थापित किया था। जून 2022 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इस केन्द्र के आधुनिक भवन का उद्घाटन किया गया था। इस केन्द्र में अल्जाइमर, पारकिन्सन और वेसकुलर डिमेनशिया जैसे रोगों का इलाज होता है।
भारतीय विज्ञान संस्थान और मस्तिष्क अनुसंधान केन्द्र ने प्रतीक्षा ट्रस्ट के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए