बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक 2021, कल लोकसभा में विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच पेश किया गया। विधेयक सभी धर्मों में लड़कियों के विवाह की आयु सीमा की कानूनी न्यूनतम आयु को 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष करता है। महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने कहा कि यह कानून, विवाह में सभी धर्मों और जातियों की महिलाओं को समानता का अधिकार प्रदान करेगा।
सुप्रीम कोर्ट को स्वयं मानना है कि यह एक्ट सैकुलर एक्ट है और मुस्लिम पर्सनल लॉ की दृष्टि से भी, हिन्दू मैरिज एक्ट की दृष्टि से भी, सभी धर्म, सभी जाति, सभी समुदाय की महिलाओं को समानता का अधिकार विवाह की दृष्टि से मिलना चाहिए। मैं स्वयं सरकार की ओर से यह प्रस्तावना करना चाहती हूं कि स्टैंडिंग कमेटी में इस विषय पर विस्तृत चर्चा हो।
विधेयक को स्थायी समिति को भेज दिया गया है।