फ्रांस ने सुरक्षा समझौते के विरोध में अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में अपने राजदूतों को वापस बुलाया

फ्रांस ने सुरक्षा समझौते के विरोध में अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में अपने राजदूतों को वापस बुलाया

फ्रांस ने कहा है कि ब्रिटेन को मिलाकर हुए सुरक्षा समझौते के विरोध में वह अमरीका और ऑस्‍ट्रेलिया से अपने राजदूतों को विचार-विमर्श के लिए वापस बुला रहा है। कल रात जारी बयान में फ्रांस के विदेश मंत्री जीन यूवेस ली द्रायन ने इस संधि को फ्रांस पीठ में चाकू मारने जैसा बताते हुए कहा कि राजदूतों को राष्‍ट्रपति इमैनुअल मैक्रो के अनुरोध पर वापस बुलाया जा रहा है।

ऑकस-गठबंधन के तहत ऑस्‍ट्रेलिया को परमाणु चालित पनडुब्‍बी बनाने की टेक्‍नॉलोजी उपलब्‍ध कराई जानी है। फ्रांस ने नाराज होकर ऑस्‍ट्रेलिया से किया अरबों डॉलर का सौदा भी रद्द कर दिया है।

ऑकस संधि मोटे तौर पर दक्षिण चीन सागर में चीन का प्रभाव रोकने के उद्देश्‍य से की गई है। अमरीकी राष्‍ट्रपति जो बाइडेन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और ऑस्‍ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्‍कॉट मॉरीसन ने बुधवार को इसकी घोषणा की थी। फ्रांस को गठबंधन बनाने की सूचना इस आशय की सार्वजनिक घोषणा से कुछ घंटे पहले ही दी गई थी।

व्‍हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि बाइडन प्रशासन ने इस घटना पर खेद व्‍यक्‍त किया है और कहा है कि मतभेद दूर करने के लिए आने वाले दिनों में फ्रांस से बातचीत की जाएगी। ऑस्‍ट्रेलिया की विदेश मंत्री मैराइस पेन ने वॉशिंगटन में कहा कि वह फ्रांस की नाराजगी को समझ सकती है और आपसी संबंधों को मजबूत रखने की सुनिश्‍चित व्‍यवस्‍थ की जाएगी।

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