प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन मामले में उत्तराखण्ड के कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के यहां छापेमारी की है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखण्ड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में दस से अधिक स्थानों पर छापे मारे जा रहे हैं। चण्डीगढ में भी कई स्थानों पर जांच की जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय राज्य के कॉर्बेट बाघ अभयारण्य में अवैध गतिविधियों के आरोपों की जांच कर रहा है।
पिछले वर्ष सर्वोच्च न्यायालय की अधिकार प्राप्त केन्द्रीय समिति ने उत्तराखण्ड के पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत और तत्कालीन मण्डलीय वन अधिकारी किशन चन्द को विभिन्न अवैध गतिविधियों के लिए जिम्मेदार ठहराया था। इनमें कॉर्बेट बाघ अभयारण्य में टाइगर सफारी के संबंध में निर्माण से जुडी गतिविधियां भी शामिल थीं। सर्वोच्च न्यायालय में वकील गौरव कुमार बंसल की याचिका पर प्रस्तुत रिपोर्ट में समिति ने कहा कि हरक सिंह रावत और किशन चन्द टाइगर सफारी और अन्य अवैध परियोजनाओं की निर्माण गतिविधियों में दोषी हैं। उसने उत्तराखण्ड सतर्कता विभाग को अनियमितताओं में शामिल वन अधिकारियों पर कानूनी कार्यवाही जारी रखने की अनुमति भी दी।
