प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उजबेकिस्तान में समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन की 22वीं बैठक से अलग रूस, उजबेकिस्तान, ईरान और तुर्की के नेताओं से मुलाकात की। इन नेताओं के साथ विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने पर चर्चा हुई।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खाद्य, ईंधन और उर्वरक संकट जैसे मुद्दों को उठाया और कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस उपाय किए जाने चाहिए। उन्होंने रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान भारतीय विद्यार्थियों की सुरक्षित रिहाई में सहयोग के लिए रूस और यूक्रेन के प्रति आभार व्यक्त किया। दोनों देशों के बीच संघर्ष के बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने लोकतंत्र, राजनयिक और संवाद के महत्व पर बल दिया। इस अवसर पर रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन, द्पिक्षीय व्यापार, रूस के उर्वरकों की आपूर्ति, कृषि में सहयोग, तेल, गैस, परमाणु ऊर्जा और वीजा मुक्त पर्यटकों की आवाजाही के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ रहा है। रूस के उर्वरकों की आपूर्ति आठ गुना बढ़ी है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को रूस आने का निमंत्रण दिया।
भारत-उजबेकिस्तान द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उजबेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिरजियोयेव ने आर्थिक सहयोग, व्यापार तथा कनेक्टिविटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने चाबहार बंदरगाह और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे के अधिक उपयोग सहित कुछ संभावनाओं का पता लगाने के लिए कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण बताया। बातचीत में सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य देखभाल और उच्चतर शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने एससीओ की सफल अध्यक्षता के लिए राष्ट्रपति को बधाई दी।
बाद में प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर व्यापक चर्चा की और चाबहार बंदरगाह के विकास में प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अफगानिस्तान सहित क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा की। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसिप तैय्यप अर्दोगन के साथ बातचीत की। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और क्षेत्रीय तथा वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा की।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में हिस्सा लेने के बाद स्वदेश वापस आ गए हैं। प्रधानमंत्री ने ट्वीट में कहा कि उन्होंने एससीओ बैठक में लाभकारी बहुपक्षीय और द्विपक्षीय बैठकें कीं। उन्होंने अपने स्वागत के लिए उजबेकिस्तान सरकार और जनता का आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर भारत का दृष्टिकोण साझा किया और अफगानिस्तान सहित शांति और सुरक्षा के मुद्दों का उल्लेख किया। विनय क्वात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एससीओ के विस्तार का अपना समर्थन देने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत नए सदस्य देश के रूप में ईरान और बेलारूस का स्वागत करता है। विनय क्वात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र में आतंकवाद से निपटने में और अधिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।