प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज देश भर के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर 18 प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों का शुभारंभ किया। उन्होंने बिहार के दरभंगा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अन्य विकासात्मक परियोजनाओं के साथ इन केंद्रों का उद्घाटन किया। ये केंद्र यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशनों पर सस्ती दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए समग्र दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है।
हमारा पहला फोकस बिमारी से बचाव पर है। दूसरा फोकस बिमारी की सही तरीके से जांच पर है। तीसरा फोकस है लोगों को मुफ्त और सस्ता इलाज मिले और सस्ती दवाएं मिले, हमारा चौथा फोकस है छोटे शहरों में भी इलाज की बेहतरीन सुविधाएं पहुंचाना, देश में डॉक्टरों की कमी को दूर करना और हमारा पांचवा फोकस है स्वास्थ्य सेवाओं में टेक्नोलॉजी का विस्तार करना।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर जीवनशैली को बढ़ावा देने के साथ योग, आयुष और पोषण को मुख्य स्वास्थ्य सेवाओं में एकीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री जन औषधि योजनाओं ने पहले की रूढ़िवादी प्रणाली को पूरी तरह से बदल दिया है।
हमने देशभर में डेढ़ लाख से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए हैं। इससे कैंसर, डायबिटीज जैसी अनेक बिमारियों के बारे में शुरू में ही पता लग सकता है। आयुष्मान भारत योजना से अब तक देश में चार करोड़ से अधिक गरीब मरीजों का इलाज हो चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार बीमारियों की रोकथाम में विश्वास करती है इसलिए फिट इंडिया और स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि अगले पांच साल में 75 हजार नई मेडिकल सीटें जोड़ी जाएंगी।
प्रधानमंत्री ने 11 हजार करोड़ रुपये के मौद्रिक आवंटन के साथ कोसी और मिथिला क्षेत्र में बाढ़ शमन के लिए केंद्र की पहल का विशेष रूप से उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने समारोह में मंच से प्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।