प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ग्लोबल मैरीटाइम इंडिया समिट 2023 के तीसरे संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक ‘भारत-मध्यपूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा’ क्षेत्रीय और वैश्विक व्यापार में क्रांति लाएगा। उन्होंने कहा कि जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में आर्थिक गलियारे के संबंध में निर्णय भारत की पहल के कारण लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इससे माल ढुलाई के खर्च में कमी लाने, पर्यावरण संरक्षण और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में सहायता मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगली पीढ़ी के विशाल बंदरगाहों, कंटेनरों को एक देश से दूसरे देश ले जाने के लिए अंतरराष्ट्रीय पत्तन के निर्माण, द्वीपों के विकास और विभिन्न प्रकार के परिवहन केन्द्रों के विस्तार का कार्य इस परियोजना के अंतर्गत की जाने वाली गतिविधियों में शामिल है।
शिखर सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री ने 18 हजार 800 करोड़ रूपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें से कई परियोजनाओं को उन्होंने राष्ट्र को समर्पित किया और विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास किया। उन्होंने 4 हजार 539 करोड़ रूपये की लागत वाले ‘टूना टेकरा ऑल वेदर डीप ड्राफ्ट टर्मिनल’ की आधारशिला भी रखी। प्रधानमंत्री ने 7.16 लाख करोड़ रुपये की वैश्विक और राष्ट्रीय साझेदारी वाली परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन भी राष्ट्र को समर्पित किए।
यह शिखर सम्मेलन मुम्बई के एमएमआरडीए मैदान में आज से 19 अक्टूबर तक चलेगा। इस विशालतम कार्यक्रम का आयोजन केन्द्रीय पत्तन, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने किया है।
महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस, पत्तन, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, इसी विभाग के राज्यमंत्री श्रीपद यशो नाईक, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी शिखर सम्मेलन में शामिल हुए।