प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत की विदेश नीति का प्रमुख मार्गदर्शक सिद्धांत उसका राष्ट्रीय हित है। ब्रिटेन के समाचार पत्र फाइनेंशियल टाइम्स के साथ साक्षात्कार में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह दृष्टिकोण आपसी हितों और समकालीन भू-राजनीतिक जटिलताओं को देखते हुए भारत के विभिन्न देशों के साथ संबंध को रेखांकित करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने विदेश नीति के लिए व्यवहारिक दृष्टिकोण का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि विश्व परस्पर संबंधित होने के साथ-साथ परस्पर आश्रित है। अमरीका के साथ भारत के संबंधों पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी 21वीं सदी में एक बेहतर विश्व का निर्माण करेगी।
खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू को मारने की साजिश में भारत की कथित भूमिका के बारे में अमरीका के दावे पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार इस मामले में किसी भी सबूत पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के कुछ घटनाएं भारत और अमरीका के संबंधों पर असर नही डालेंगी। इजरायल और हमास के बीच जारी युद्ध पर प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में शांति कायम करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।
साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने विकासशील और अल्प विकसित देशों के शिखर सम्मेलन की भारत द्वारा मेजबानी और इस वर्ष सितम्बर में जी-20 में अफ्रीकी संघ को सफलतापूर्वक शामिल करने का भी उल्लेख किया।