प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो. बाइडेन ने व्हाइट हाउस में द्विपक्षीय वार्ता की; भारत-अमेरिका साझेदारी को और प्रगाढ करने के तरीकों पर चर्चा हुई

प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो. बाइडेन ने व्हाइट हाउस में द्विपक्षीय वार्ता की; भारत-अमेरिका साझेदारी को और प्रगाढ करने के तरीकों पर चर्चा हुई

प्रधानमंत्री मोदी ने व्हाइट हाउस के ओवल कार्यालय में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनो देशों के बीच भारत-अमेरिका साझेदारी को और प्रगाढ करने के तरीकों पर भी चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति बाइडेन के साथ सीमित और प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय प्रारूपों में उपयोगी बातचीत की। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही मैत्री और व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन से लेकर जन-जन के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों तक बढ़ते सहयोग पर चर्चा की।

दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और समझ के साथ-साथ साझा मूल्यों के बारे में चर्चा की, जो संबंधों को एक नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है। उन्होंने क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज (आईसीईटी) जैसी पहलों के माध्यम से हुई तीव्र प्रगति और सशक्त आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए रणनीतिक प्रौद्योगिकी सहयोग को बढ़ाने की गहरी इच्छा की सराहना की। उन्होंने महत्वपूर्ण खनिजों और अंतरिक्ष क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का स्वागत किया।

दोनों नेताओं ने जलवायु परिवर्तन से निपटने और एक स्थायी भविष्य के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने और जलवायु पहल पर सहयोग करने के तरीकों पर चर्चा की।

दोनों नेताओं ने अपने लोगों और वैश्विक समुदाय के लाभ के लिए भारत और अमेरिका के बीच बहुआयामी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया। इस चर्चा में आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दे भी शामिल रहे।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति बाइडेन और प्रथम महिला द्वारा किए गए गर्मजोशी से स्वागत के लिए अपनी ओर से उनकी सराहना की। उन्होंने सितंबर 2023 में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली में राष्ट्रपति बाइडेन का स्वागत करने के प्रति उत्सुकता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाशिंगटन में अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत और अमेरिका मिलकर विश्व को बेहतर भविष्य प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-अमरीकी साझेदारी लोकतंत्र के भविष्य के लिए शुभ है। उन्होंने कहा कि अमरीका सबसे पुराना और भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसकी संस्कृति ही विचार और अभिव्यक्ति आगे बढ़ाती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र हमारी रगों में है और हम अमेरिका के साथ खास रिश्ता साझा करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के सिद्धांत पर चलती है।

हमारे सभी साझे प्रयासों का मूल मंत्र है लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्‍यों तथा व्‍यवस्‍थाओं को सशक्‍त करना। विश्‍व के दो सबसे बड़े लोकतंत्र भारत और अमरीका मिलकर विश्‍व शांति, स्थिरता, समृद्धि में महत्‍वपूर्ण सहयोग दे सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज आधुनिक भारत में महिलाएं हमें बेहतर भविष्य की ओर ले जा रही हैं। भारत का दृष्टिकोण सिर्फ महिलाओं को लाभ पहुंचाने वाला विकास नहीं है। यह महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास का है जहां महिलाएं प्रगति की यात्रा का नेतृत्व करती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक साधारण आदिवासी पृष्ठभूमि से निकलकर एक महिला हमारी राष्ट्रप्रमुख बनी हैं। लोकतंत्र, समावेश और स्थिरता की भावना हमें परिभाषित करती है। भारत अपने ग्रह के लिए जिम्मेदार होते हुए भी विकास कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय संस्कृति पर्यावरण और हमारे ग्रह का गहरा सम्मान करती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर और महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तियों का जिक्र किया।

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