नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया के जकार्ता के लिए रवाना हुए। प्रधानमंत्री मोदी 7 सितंबर को जकार्ता में 20वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 18वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
विदेश मंत्रालय में सचिव सौरभ कुमार ने मीडिया को इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत आसियान संबंधों का दर्जा पिछले वर्ष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाए जाने के बाद आसियान-भारत शिखर सम्मेलन का आयोजन पहली बार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री आसियान-भारत संबंधों में प्रगति की समीक्षा करेंगे।
सौरभ कुमार ने कहा कि आसियान देशों के साथ भारत के संबंध एक्ट ईस्ट पॉलिसी और व्यापक हिंद-प्रशांत क्षेत्र के बारे में भारत के दृष्टिकोण का आधार स्तंभ है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के शिखर सम्मेलन की विषय वस्तु “आसियान मामले: विकास का केंद्र” है।
जकार्ता, इंडोनेशिया की यात्रा पर रवाना होने से पूर्व प्रधानमंत्री का वक्तव्य
मैं जोको विडोडो के निमंत्रण पर आसियान से संबंधित बैठकों में भाग लेने के लिए जकार्ता, इंडोनेशिया रवाना हो रहा हूं। मेरा पहला कार्यक्रम 20वां आसियान-भारत शिखर सम्मेलन होगा। मैं चौथे दशक में प्रवेश कर चुकी हमारी साझेदारी के भविष्य की रूपरेखा पर आसियान नेताओं के साथ चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं। आसियान के साथ सहभागिता भारत की “एक्ट ईस्ट” नीति का महत्वपूर्ण आधार है। पिछले वर्ष हुई व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने हमारे संबंधों को नया उत्साह प्रदान किया है।
इसके उपरांत, मैं 18वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में शिरकत करूंगा। यह मंच खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य और डिजिटल परिवर्तन सहित क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का उपयोगी अवसर प्रदान करता है। मैं इन वैश्विक चुनौतियों से सामूहिक रूप से निपटने के लिए अन्य ईएएस नेताओं के साथ व्यावहारिक सहयोग के उपायों के बारे में वैचारिक आदान-प्रदान करने के लिए उत्सुक हूं।
पिछले साल बाली में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इंडोनेशिया की मेरी यात्रा की स्मृतियां आज भी मेरे जहन में ताज़ा हैं और मुझे विश्वास है कि इस यात्रा से आसियान क्षेत्र के साथ हमारी सहभागिता और मजबूत होगी।
