प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अब भारतीय नौसेना अधिकारियों के एपॉलेट यानी कंधे पर सज्जित अलंकरण में शिवाजी महाराज की सेना का प्रतीक चिह्न होगा

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अब भारतीय नौसेना अधिकारियों के एपॉलेट यानी कंधे पर सज्जित अलंकरण में शिवाजी महाराज की सेना का प्रतीक चिह्न होगा

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने घोषणा की कि अब भारतीय नौसेना अधिकारियों के एपॉलेट यानी कंधे पर सज्जित अलंकरण में शिवाजी महाराज की सेना का प्रतीक चिह्न होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जल्‍दी ही नौसेना के रैंक को भारतीय संस्‍कृति और परम्‍परा के अनुरूप नये नाम दिए जाएंगे। उन्‍होंने नौसैनिक पोत पर देश की पहली महिला कमान अधिकारी नियुक्‍त करने के लिए नौसेना को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखते हुए देश का विकास करना है।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सुदृढ नौसेना प्रमुख वैश्विक शक्ति का प्रतीक है। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सेना और वायुसेना के साथ-साथ नौसेना को उन्नत करने पर ध्‍यान केंद्रित किया है। समारोह को संबोधित करते हुए नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने कहा कि भारतीय नौसेना राष्‍ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ भारत को 2047 तक विकसित राष्‍ट्र बनाने के लक्ष्‍य के लिए प्रतिबद्ध है।

इससे पहले, प्रधानमंत्री ने सिंधुदुर्ग जिले के राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की विशाल प्रतिमा का अनावरण किया। उन्‍होंने शिवाजी महाराज पर एक चित्रकला प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी तारकरली तट पर भारतीय नौसेना के पोत, पनडुब्बियों, विमान और विशेष बलों के संचालनगत प्रदर्शन में भी शामिल हुए। महाराष्‍ट्र के राज्‍यपाल रमेश बैस, मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे और दोनों उपमुख्‍यमंत्री – देवेन्‍द्र फडणवीस और अजीत पवार इस अवसर पर उपस्थित थे।

Related posts

Leave a Comment