प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाली में हो रहे जी-20 शिखर सम्मेलन के अवसर पर आज फ्रांस, सिंगापुर, इटली, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के नेताओं के साथ अलग से बैठकें की।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां के साथ मुलाकात में दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी के नये क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की।
सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग के साथ द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और सिंगापुर के बीच हरित अर्थव्यवस्था, नवीकरणीय ऊर्जा और वित्तीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के उपायों के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सिंगापुर को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।
जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज के साथ बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और जर्मनी के बीच आर्थिक और रक्षा सहयोग मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने इटली के प्रधानमंत्री जॉर्ज मेलोनी के साथ चर्चा में ऊर्जा, रक्षा, आर्थिक भागीदारी, संस्कृति और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनिज़ के साथ द्विपक्षीय वार्ता में व्यापक रणनीति साझेदारी को मजबूत बनाने के साथ ही शिक्षा, नवाचार और अन्य क्षेत्रों में सहयोग पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ भी मुलाकात की और भारत तथा ब्रिटेन के बीच व्यापारिक संपर्क रक्षा सहयोग और दोनों देशों के लोगों के बीच जुड़ाव को मजबूत करने के उपायों पर बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-ब्रिटेन के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है।