प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार गांवों और शहरों के बीच की खाई को पाटने के लिए लगातार काम कर रही है। मध्य प्रदेश के रीवा में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस समारोह में देश की सभी ग्राम सभाओं और पंचायती राज संस्थाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ये बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल क्रांति के इस युग में पंचायतों को स्मार्ट बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायतों की परियोजनाओं में प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए देश के गांवों में सामाजिक व्यवस्था, अर्थव्यवस्था और पंचायती राज व्यवस्था के विकास को महत्वपूर्ण बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार एक मजबूत प्रणाली बनाने और इसके दायरे का विस्तार करने के लिए काम कर रही है। वहीं पिछली सरकारों ने पंचायतों के साथ भेदभाव किया।
2014 से पहले की सरकारों के प्रयासों की कमी पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वित्त आयोग ने करीब 70 हजार करोड़ रुपये की राशि दी, जो कि देश के लिए बहुत कम राशि थी। लेकिन 2014 के बाद यह अनुदान बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
उन्होंने कहा कि 2014 से पहले मात्र 6 हजार पंचायत भवनों का निर्माण किया गया था, जबकि वर्तमान सरकार ने पिछले आठ वर्षों में 30 हजार से अधिक पंचायत भवनों का निर्माण किया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के बाद जिन दो लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोडा गया है। वहीं पिछली सरकारों में 70 से भी कम ग्राम पंचायतें ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ी थी।
समारोह में प्रधानमंत्री ने 17 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री आवास योजना के चार लाख 11 हजार लाभार्थियों के गृह प्रवेश समारोह में प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअली शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने पंचायत स्तर पर सार्वजनिक खरीद के लिए ई-ग्राम स्वराज और जीईएम पोर्टल का उद्घाटन किया। परियोजना का उद्देश्य पंचायतों को जीईएम के माध्यम से अपने सामान और सेवाओं का विपणन करने में सक्षम बनाना है।
प्रधानमंत्री ने “विकास की ओर साझे क़दम” अभियान की भी शुरूआत की। समावेशी विकास पर केंद्रित यह अभियान योजनाओं के लाभों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री ने लाभार्थियों को लगभग 35 लाख स्वामित्व संपत्ति कार्ड भी सौंपे। इसके साथ ही देश में इस योजना के अन्तर्गत अब तक लगभग एक करोड़ 25 लाख संपत्ति कार्ड वितरित किए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने लगभग दो हजार तीन सौ करोड़ रुपये की विभिन्न रेल परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने ग्वालियर स्टेशन के पुनर्विकास का भी उद्घाटन किया और तीन ट्रेनों को रवाना किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने जल जीवन मिशन की करीब सात हजार 853 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इससे चार हजार से अधिक गांवों के करीब साढ़े नौ लाख परिवार लाभान्वित होंगे।