मौजूदा वित्त वर्ष में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 2021-22 की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक रहा। वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि वर्ष 2022-23 में 17 सितम्बर तक कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह आठ लाख 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष यह आंकड़ा लगभग छह लाख 42 हजार करोड़ रुपये था। शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में भी इस बार पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
मंत्रालय के अनुसार मौजूदा वित्त वर्ष में दाखिल आयकर रिटर्न के निपटान की प्रक्रिया में भी तेजी आई। इस महीने की 17 तारीख तक लगभग 93 प्रतिशत विधिवत सत्यापित आईटीआर निपटाए जा चुके हैं। इसके परिणामस्वरूप वर्ष 2022-23 में जारी किए गए रिफंड की संख्या में लगभग 468 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मौजूदा वित्त वर्ष में अब तक एक लाख 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड जारी किया जा चुका है।