पाकिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान-टीटीपी ने पूर्ण मंत्रिमंडल के साथ अपनी सरकार की घोषणा कर दी है। पाकिस्तान की संप्रभुता को सीधे चुनौती देते हुए टीटीपी ने अपने गुट को रक्षा, न्यायपालिका, सूचना, राजनीतिक मामले, आर्थिक मामले, शिक्षा, फतवा जारी करने वाले प्राधिकरण खुफिया विभाग और निर्माण विभाग जैसे विभिन्न मंत्रालयों में विभाजित कर नयी नियुक्तियों की घोषणा की है। सूत्रों के अनुसार टीटीपी ने उन इलाकों को दो प्रान्तों में विभाजित किया है जहां उसका नियंत्रण कमजोर है या फिर पाकिस्तान के साथ उसका विवाद है। पिछले महीने टीटीपी ने पाकिस्तान के साथ अपने संघर्ष विराम समझौते को औपचारिक रूप से समाप्त कर लिया था।
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान या स्टूडेंट मूवमेंट ऑफ पाकिस्तान अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर सक्रिय विभिन्न इस्लामी सशस्त्र उग्रवादी गुटों का प्रमुख संगठन है। पाकिस्तानी सेना का सामूहिक विरोध करने के उद्देश्य से वर्ष 2007 में यह उग्रवादी गठबंधन बना था। टीटीपी, पाकिस्तान के कबायली इलकों और खैबर पख्तूनख्वां प्रांत से पाकिस्तान के नियंत्रण को समाप्त करना चाहता है और पूरे पाकिस्तान में शरियत को सख्ती से लागू करना चाहता है। टीटीपी नेताओं का खुले आम कहना है कि उनका गुट पाकिस्तान में इस्लामी खलीफा की स्थापना करना चाहता है और इसके लिए पाकिस्तानी सरकार को उखाड़ फेंकना जरूरी है।