पश्चिम बंगाल के मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के नेता पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को शिक्षक भर्ती घोटाले में तीन अगस्त तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया गया है। नियुक्ति घोटाले के दौरान पार्थ चटर्जी के पास शिक्षा विभाग था जिसमें राज्य सरकार और सहायता प्राप्त स्कूलों में रुपये के बदले शिक्षक नियुक्त किए गए।
पार्थ चटर्जी को कथित शिक्षक घोटले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को गिरफ्तार किया था। निदेशालय ने उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके पास से आय से अधिक कई संपत्तियों का खुलासा किया था। इसमें पश्चिम बंगाल के डायमंड सिटी में तीन फ्लैट शामिल हैं। पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के कोलकाता निवास से 21 करोड रुपये नकद और एक करोड़ रुपये से अधिक के आभूषण बरामद होने के बाद की गई।