दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में सोमवार को विश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल का उनकी सरकार को गिराने का ‘ऑपरेशन लोटस’ विफल हो गया है, क्योंकि वह आप के किसी विधायक को नहीं तोड़ पाई। उन्होंने दावा किया कि आप (आम आदमी पार्टी) कर हर एक विधायक ‘‘बेहद ईमानदार’’ है।
रोहिणी से भाजपा के विधायक विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकारी स्कूलों में कक्षाओं के निर्माण पर केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की रिपोर्ट पर उन्होंने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव की मांग की थी।
‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने आरोप लगाया कि भाजपा ने उसके 40 विधायकों को उनके साथ आने के लिए 20-20 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव दिया था।
वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए केजरीवाल पर राजनीतिक प्रचार के लिए विधानसभा का इस्तेमाल करने तथा अपनी सरकार के शराब ‘‘घोटाले’’ से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए नाटक करने का आरोप लगाया।
दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा में आप के 62 और भाजपा के आठ विधायक हैं।