त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। त्रिपुरा में चुनाव प्रचार जोर पकड़ रहा है। भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कल अमरपुर में जनसभा को संबोधित किया। राज्य में 16 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने गोमती और उनाकोटी जिलों में दो विजय संकल्प रैलियों को संबोधित किया। चुनावी सभा में बोलते हुए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि त्रिपुरा ने पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब और वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ माणिक शाह के नेतृत्व में साबित कर दिया है कि यह पुराना त्रिपुरा नहीं है, बल्कि आकांक्षाओं से भरा नया त्रिपुरा है। जेपी नड्डा ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को त्रिपुरा के लिए विशेष चिंता है। कांग्रेस के साथ गठबंधन करने वाले वाम मोर्चे ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया। घोषणा पत्र में वाम मोर्चा ने वादा किया है कि वह राज्य में स्वायत्त जिला परिषदों को मजबूत करेगा।
उधर, मेघालय में नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख़ नज़दीक आने के साथ राजनैतिक गतिविधियां तेज़ हो गयी हैं। कई दिलचस्प प्रोफाइल वाले उम्मीदवारों ने इस बार विधानसभा चुनावों के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। दिहाड़ी मज़दूरों से लेकर पूर्व आईएएस और आईपीएस अफसर सहित विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले लोग इस बार मेघालय के विधानसभा के चुनाव में अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं। 27 साल के दिहाड़ी मज़दूर रिचर्ड नोंगबसप मिलिएम विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं। जहां एक पूर्व आईपीएस अधिकारी मरीअहोम खारकरांग भाजपा की टिकट पर उत्तरी शिलांग विधानसभा सीट से मैदान में हैं। वहीं मासिनराम विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व नौकरशाह हिमालय शृंगपलिअंग को मैदान मे उतारा है। एक ऐसा प्रत्याशी भी है जिसने दो बार विधायक बनने के बाद 10 साल पहले राजनीति से संन्यास ले लिया था। लेकिन लोगों के दबाव और समर्थकों की जिद के आगे एक बार फिर से वो राजनीति के मैदान में कूद पड़े हैं। खलिहरियट विधानसभा सीट से एनपीपी के प्रत्याशी नेहलांग लिंगदोह दस साल के बाद फिर से चुनावी मैदान में हैं।