अमेरिका के अधिकारियों ने बताया कि पूर्वोत्तर जॉर्डन में एक अमेरिकी ठिकाने पर चरमपंथी ईरान समर्थित लडाके समूहों द्वारा किए गए ड्रोन हमले में तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए और कम से कम 34 सैनिक घायल हुए हैं। यह पहली बार है जब इजराइल पर पिछले वर्ष सात अक्तूबर के हमास के हमले के बाद इस क्षेत्र में हुए हमले में अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। राष्ट्रपति बाइडेन ने इस हमले के जिम्मेदार लोगों को पकड़ने की वचनबद्धता जताई है। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यह हमला मध्य रात्रि में सीरिया सीमा के निकट एक छोटी चौकी टावर-22 पर किया गया है। सैनिकों के आवासीय ठिकानों में ड्रोन हमला हुआ जिससे बडी संख्या में सैनिक घायल हुए हैं।
जॉर्डन का कहना है कि यह हमला सीरिया में हुआ है न कि जॉर्डन में। अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इस हमले के पीछे कौन है। जॉर्डन के सरकारी प्रवक्ता मुहन्नद मुबईद्दीन ने बताया कि इस हमले में सीरिया के ठिकाने अल-तन्फ को निशाना बनाया गया है।