जी-20 पर्यावरण और जलवायु स्थिरता कार्य समूह की पहली बैठक बेंगलुरू में संपन्न हुई

जी-20 पर्यावरण और जलवायु स्थिरता कार्य समूह की पहली बैठक बेंगलुरू में संपन्न हुई

जी-20 पर्यावरण और जलवायु स्थिरता कार्य समूह की पहली बैठक आज बेंगलुरू में संपन्न हो गई। इसमें भूमि की उर्वरता बहाल करने, तटीय क्षेत्रों के साथ नीली अर्थव्यवस्था और जैव विविधता को बढ़ावा देने, जंगल की आग और समुद्री कचरे की समस्‍या से निबटने जैसी पर्यावरण चुनौतियों के मुद्दों पर सकरात्‍मक चर्चा की गई।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में सचिव लीना नंदन ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि सदस्य देशों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं पर प्रभावी प्रस्तुतियां दीं और तकनीकी पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। वन्‍य जीवों और जैव विविधता के संरक्षण के लिए पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने की योजना पर भी विस्‍तार से चर्चा की गई।

उन्‍होंने कहा कि अपशिष्ट पदार्थों को फिर से इस्‍तेमाल करने लायक बनाने के भारत के ईपीआर फ्रेमवर्क की सदस्य देशों ने सराहना की। ईपीआर में 106 अपशिष्ट पदार्थों को शामिल किया गया है।

सचिव ने बताया कि 21 मई को जी-20 के प्रतिनिधि भारत में 13 स्थानों पर समुद्र तट सफाई अभियान में भाग लेंगे। यह समुद्री कचरे के खतरे के बारे में जागरुकता पैदा करने का एक प्रयास है।

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