अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष प्रमुख (IMF) ने कहा है कि इस वित्तीय वर्ष में विश्व अर्थव्यस्था की वृद्धि दर तीन प्रतिशत से कम रहने का अनुमान है। मुद्राकोष ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2023 में कुल वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर में भारत और चीन का योगदान पचास प्रतिशत रहेगा।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलीना जॉर्जिवा ने चेतावनी दी है कि कोविड महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पिछले वर्ष विश्व अर्थव्यवस्था में आई तेज मंदी इस वर्ष भी जारी रहेगी। क्रिस्टलीना जॉर्जिवा ने एक वक्तव्य में कहा है कि धीमी आर्थिक गतिविधियों का दौर अभी जारी रहेगा और अगले पांच वर्ष के दौरान वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर तीन प्रतिशत से कम रहेगी। हालांकि उन्होंने कहा कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं के योगदान से आर्थिक वृद्धि में कुछ गति आ सकती है और इसमें एशिया से विशेष योगदान की उम्मीद है।
क्रिस्टलीना जॉर्जिवा ने कहा कि धीमी आर्थिक वृद्धि दर कम आय वाले देशों के लिए अधिक कठिन साबित होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि गरीबी और भूख की स्थिति में बढोतरी हो सकती है। अगले सप्ताह ही अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्व बैंक की बैठक होनी है जिसमें नीति निर्माता वैश्विक अर्थव्यवस्था के समक्ष उपस्थित गंभीर मुद्दों पर विचार विमर्श करेंगे।