चंद्रयान-3 मिशन: इसरो ने दूसरे और अंतिम डीबूस्टिंग ऑपरेशन ने LM कक्षा को सफलतापूर्वक 25 किमी x 134 किमी तक कम किया

चंद्रयान-3 मिशन: इसरो ने दूसरे और अंतिम डीबूस्टिंग ऑपरेशन ने LM कक्षा को सफलतापूर्वक 25 किमी x 134 किमी तक कम किया

चंद्रयान-3 मिशन का लैंडर मॉड्यूल चंद्रमा के और निकट पहुंच गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो ने लैंडर के परिक्रमा-पथ को सफलतापूर्वक कम कर दिया है। इसके बाद, अब लैंडर की चंद्रमा से निकटतम दूरी 30 किलोमीटर और अधिकतम दूरी 100 किलोमीटर रह गई है। इस मॉड्यूल में लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान हैं और इनके 23 अगस्‍त की शाम चंद्रमा की सतह पर उतरने की संभावना है। चंद्रयान-3 को 14 जुलाई को प्रक्षेपित किया गया था। 35 दिन बाद बृहस्‍पतिवार को उसके लैंडर मॉड्यूल को अलग किया गया और इसने 5 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया। इस महीने चार बार इसके परिक्रमा-पथ को कम किया गया है। मिशन का उद्देश्‍य चंद्रयान के रोवर को चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग कराना और वहां वैज्ञानिक प्रयोग करना है।

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